भारत और चीन के बॉर्डर पर जिस भारीतये सैनिको की सहादत हुई कहा के रहने वाले और कौन है

पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 और 16 जून के दरम्यान भारत और चीन सेना के बीच झड़प में भारतीय सेना के एक अधिकारी और 19 जवानो की शहादत हो गई है।

भारत और चीन की सिमा पर 45 साल बाद किसी देश की सेना की जान गई है। जिन भारतीय सैनकों की मौत हुई है उनमे से एक कर्नल थे और वे तेलंगाना के सूर्य पेट जिले के रहने वाले थे। कर्नल संतोष बाबू चीनी की सिमा पर पिछले डेढ़ साल से तैनात थे। वे 16 बिहार रेजमेंट का हिस्सा थे। उनके परिवार में उनके दो बेटे और पत्नी है, कर्नल संतोष की माँ मंजला ने बताया की भारतीय सेना ने सोमबार दोपहर ये सुचना थी। जबकि कर्नल की पत्नी दिल्ली में रहती है।

कर्नल के अलावा इस संघर्ष में जो जवान शहीद हुए है उनमे मयूरवंस के नायब सूबेदार एन सोरेन, पटियाला के नायब सूबेदार मदीप सिंह, गुरदश पुर के नायब सूबेदार सतनाम सिंह, मदुरई के हवलदार के प्लानि, पटना के हवलदार सुनील कुमार, मेरठ के हवलदार बिपुल रॉय, रेवा के दीपक कुमार, बीरभूम के सिपाही राजेश ओरंग, शागिबगंज के कुंदन कुमार ओझा, कांकेर के सिपाही गणेश राम, कन्डमल के सिपाही चंद्रकांत प्रधान, हमीर पुर के सिपाही अंकुश, संगरूर के सिपाही गुरबिंदर, मंशा के सिपाही गुरतेश सिंह, भोजपुर के चन्दन कुमार, सहरसा के सिपाही कुंदन कुमार, समस्तीपुर के सिपाही अमन कुमार, वैशाली के सिपाही जय किशोर सिंह, और पूर्वी सिंहभूम के सिपाही गणेश हसदा शामिल है।

भारतीय सेना ने सोमबार को 3 सैनिकों के शहीद होने की जानकारी दी थी। जिनमे एक कर्नल और दो जवान शामिल थे। इसके बाद सोम्बर रात में खबर आई की 17 और जवानो की शहादत हो गई है। जो पहले गंभीर रूप से जख्मी थे। हाला की इस घटना में ये जानकारी दी जा रही है की चीन को भी इस मामले में बहुत नुकसान हुआ है हाला की ये नुकसान कितना है चीन के तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जैसा चीन का फितरत है। दोनों देशो ने इस घटना के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है और दोनों का ये कहना है की सामने वाली पक्छ के चलते ये घटना हुई है।

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